Sugarcane News : गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने पर किसानों ने किया हाईवे को जाम फटाफट देखें पूरी जानकारी

Sugarcane News : गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने पर किसानों ने किया हाईवे को जाम फटाफट देखें पूरी जानकारी

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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने मंगलवार को गांव अच्छेजा से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला, जिसमें उन्होंने जिले की दो चीनी मिलों से किसानों का गन्ना भुगतान न करने और गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित न करने का विरोध किया। किसानों ने जिला मुख्यालय में गन्ने में आग लगाकर अपना असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र एडीएम न्यायिक ज्योत्सना बंधु को भेजा गया था, जो गन्ने का समर्थन मूल्य और भुगतान घोषित करने की मांग करता था।

चीनी मिल मालिकों के दबाव में सरकार गन्ना मूल्य नहीं बता रही

भारतीय किसान यूनियन असली ने तहसील कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला रोड पर सवा घंटे तक जाम लगाया, क्योंकि गन्ने का रेट घोषित नहीं किया गया था। इस दौरान, कर्मचारियों ने गन्ने की होली जलाई। भाकियू नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिकों के दबाव में गन्ने का रेट नहीं बता रही है।

बुधवार को ब्लॉक परिसर में भारतीय किसान यूनियन की असली पंचायत हुई। पेराई सत्र शुरू होने के ढाई महीने बाद भी गन्ने की दर नहीं बताई गई, जैसा कि मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा। उनका आरोप था कि राज्य में चीनी मिल मालिकों की सरकार है, न कि भाजपा की। उनका कहना था कि मिल मालिकों के दबाव में सरकार गन्ने की कीमत नहीं बढ़ा रही है।

जिलाध्यक्ष पवन हूण ने बताया कि जिले में दो चीनी मिलें हैं, ब्रजनाथपुर और सिंभावली। किसानों की मांग के बावजूद, इन दोनों मिलों पर गन्ना किसानों का पिछले सत्र का लगभग 45 करोड़ रुपये बकाया है। किसान गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन मिलों को नहीं पकड़ रहा है, जो किसानों को आर्थिक कठिनाई से जूझने के लिए मजबूर कर रहा है।

भाकियू नेता राधेलाल त्यागी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है, हालांकि अन्य राज्यों की सरकारों ने ऐसा किया है। वहीं, किसानों ने नए सत्र में चीनी मिलों पर गन्ना डालना शुरू कर दिया है। उनका कहना था कि किसान आंदोलन करेंगे अगर सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य शीघ्र नहीं घोषित करेगी। उन्हें अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र एडीएम को भेजा गया।

उसने यह भी कहा कि चीनी अब 45 रुपये प्रति किलोग्राम है। सरकार को 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का मूल्य घोषित करना चाहिए। दो बजे तक किसी अधिकारी के पंचायत स्थल पर नहीं आने पर कार्यकर्ताओं ने तहसील के बाहर जाम लगा दिया। भाकियू ने गन्ने की होली जलाई। सरकार के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने व्यापक नारेबाजी की। तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव सवा तीन बजे किसानों के बीच पहुंचे। उनके पास मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र था। इस मौके पर शब्बन चौधरी, नरेश कुमार, कपिल प्रधान, कलुवा खां, दिनेश प्रधान, जावेद मलिक, जसपाल सिंह और अन्य लोग उपस्थित थे।

गन्ना मूल्य कब घोषित किया जाएगा?

गन्ना मूल्यों की घोषणा करना राज्य सरकारों का काम है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों और उपलब्ध आंकड़ों इसे निर्धारित करते हैं। राज्य के आधारभूत ढांचे के अनुसार गन्ना मूल्यों की घोषणा की तिथि निर्धारित की जाती है।

हर राज्य की गन्ना मूल्य निर्धारण नीति वार्षिक आंकड़ों, बाजार की स्थिति, विभिन्न महत्वपूर्ण कारकों और किसानों की मांगों पर आधारित है। इसलिए, राज्य सरकार का निर्णय गन्ना मूल्यों की घोषणा की तारीख पर निर्भर करेगा।

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